https://chat.whatsapp.com/GP9r9mUivbz5xusnK4XaT3 *आज यानी 18 मार्च को पेरिस कम्यून की 150वीं बरसी है। इसी दिन 18 मार्च 1871 में पेरिस के मजदूरों की सशस्त्र क्रांति के बाद सर्वहारा के जनतांत्रिक शासन, पेरिस कम्यून की स्थापना से दुनिया भर की पूंजीवादी ताकतें सकते में आ गयी थी* मजदूरों ने 1871 में 72 दिन तक (18 मार्च से 28 मई) पेरिस में शासन किया था। यह पूरे दुनिया की पहली मजदूरों की समाजवादी सरकार थी। इससे पहले समाजवादी शासन सिर्फ यूटोपिया यानी कल्पनालोक था। यह घटनाक्रम प्रशिया (आधुनिक जर्मनी) के साथ युद्ध में फ्रांस की पराजय और नेपोलियन (तृतीय) के द्वितीय साम्राज्य के पतन के बाद घटित हुआ। फरवरी 1871 में निर्वाचित फ्रांस की नेशनल एसेंबली (जिसमें रॉयलिस्टों का वर्चस्व था) वर्साय (एक प्रांत) में प्रशिया के साथ एक संधि करने जा रही थी, जिससे पेरिस के रिपब्लिकनों को लगा कि वहां एक बार फिर राजशाही की स्थापना हो सकती है, लिहाजा मजदूरों ने 18 मार्च को विद्रोह करते हुए शासन व्यवस्था को अपने हाथ में ले लिया। आनन-फानन में लोकतांत्रिक विचारधारा के समर्थकों तथा मजदूर नेताओं की बैठक हुई। आमचुनावों के ...